वीसी मीटिंग का वीडियो वायरल करने वाले अधिकारी को मिला दंड, शिक्षा विभाग ने रोकी वेतनवृद्धि

The officer who made the video of the VC meeting viral was punished, the education department stopped his salary hike

पटना/सहरसा: शिक्षा विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव के.के. पाठक की वर्चुअल मीटिंग का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में अब कार्रवाई पूरी हुई है। आरोपी अधिकारी रजनीश कुमार झा को विभाग ने एक वेतनवृद्धि पर रोक का दंड दिया है।

यह मामला 20 फरवरी 2024 की संध्याकालीन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ा है, जिसमें सहरसा के तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) रजनीश कुमार झा ने बिना अनुमति बैठक का वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस गंभीर उल्लंघन के चलते 4 अप्रैल 2024 को उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

बाद में विभागीय जांच के बाद 18 मार्च 2024 से उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई और 19 मार्च को उन्हें निलंबन से मुक्त भी कर दिया गया। जांच में आरोप सत्य पाए गए, जिसके आधार पर विभाग ने दूसरा स्पष्टीकरण मांगा और अंततः उनके खिलाफ एक वेतनवृद्धि रोकने का निर्णय लिया। साथ ही, निलंबन अवधि में उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

वर्तमान में रजनीश कुमार झा की पोस्टिंग जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय सिवान में है।

इस पूरे घटनाक्रम की जड़ में थे के.के. पाठक, जो जून 2023 से 12 जून 2024 तक बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव रहे। उनके कार्यकाल में विभाग ने कई सुधारात्मक और सख्त फैसले लिए, लेकिन साथ ही वे लगातार विवादों में भी रहे। पाठक की नीतियों को लेकर राजभवन, शिक्षा मंत्री और बीपीएससी अध्यक्ष तक से टकराव की स्थिति बनी थी।

फिलहाल, के.के. पाठक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं और राज्य में शिक्षा विभाग एक बार फिर नए नेतृत्व की राह देख रहा है।

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